फोन कॉल | एक अनोखे प्यार की दास्तान | पार्ट 01

बाहर तेज़ बारिश हो रही थी. मौसम मैं अजीब सी कशिश थी. आबान अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा था. वो अपने ख़यालों मैं डूबा था की तभी उसका मोबाइल बोल उठा. मोबाइल की घंटी ने उसके ख़यालों को तोड़ दिया. उसने फोन उताया, अननोन नंबर था. कॉल रिसिव की.

आबान – हेलो, कौन बोल रहा है ?

सनम – मेरा नाम सनम है.

आबान – आप को किससे बात करनी है ?

सनम – जी आप से.

आबान – माफ़ कीजिए मैं आपको नहीं जानता. आपको मुझसे क्या बात करनी है, जल्दी बताइए.

सनम – क्यों इतना नाराज़ हो रहे हैं. फोन ही तो किया है. आप इस तरह बात करते है!

फोन कॉल | एक अनोखे प्यार की दास्तान | पार्ट  01
फोन कॉल | एक अनोखे प्यार की दास्तान | पार्ट 01

आबान – माफ़ कीजिएगा असल मैं मैं अनवॉंटेड कॉल्स से परेशान हूँ. जब देखो कोई क्रेडिट कार्ड ले लीजिए, मॅरिज बूएरो तक से कॉल आती हैं. एट्सेटरा एट्सेटरा.  बस किसी और का गुस्सा आप पर निकाला.

सनम खिल खिला कर हस्ने लगी. उसकी हँसी मैं एक अजीब सी कशिश थी.

सनम – शादी तक के लिए पूछ डाला. काफ़ी बढ़िया किस्मत है आपकी. यहाँ आज तक किसी ने कभी कोई ऑफर तक ना दिया. ख़ैर मेरी तो किस्मत ही खराब है.

आबान – किस्मत को क्यों बुरा कह रही हैं आप. जो है वो उपर वाले का करम है. वैसे आपने अभी तक यह नहीं बताया की कॉल किस लिए किया और यह नंबर आपको कैसे मिला?

सनम – आपकी तो सुई अटक गयी है. सुस्पेंसे ख़तम कर देती हूँ. बोर हो रही थी. तो मैने एक नंबर मिलया रॅंडम्ली और आपके फोन की घंटी बाज गयी. अब आप मुझ से बात करेंगे या नहीं ? बस नॉर्मल बात. आप अपने बारे मैं बताइए. मैं अपने बारे मैं बताती हूँ. मज़ा आएगा.

आबान – आप क्या बात करना चाहती हैं और यह बताइए किसी अंजान आदमी से क्यों करना चाहती हैं.

सनम – काफ़ी बड़ी बड़ी बातें करते हैं आप. लेकिन मुझे अंजान लोगों से दोस्ती करने मैं मज़ा आता हैं. मेरे फ़ेसबुक और ट्विटर के अकाउंट मैं ढेर सारे दोस्त हैं. दोस्ती तो बढ़ कर की जाती है. मेरा मानना है की हमेशा पहेल खुद करो. जब तक आप किसी से बात करते नही तब तक उसको जान भी नही सकते. दोस्ती और प्यार इस दुनिया का सबसे कीमती दौलतहैं. यूँ सोच लीजिए हुमारी दोस्ती शुरू हो रही है.

आबान चुप हो गया. सनम की दलील मे दम था. आबान रिज़र्व रहता था. लोग उसको घमंडी समझते.कॉलेज मैं किसी लड़की से दोस्ती नहीं की.लड़कियाँ उसको हिट्लर कहती. आज एक लड़की उसको कॉल कर के परेशान कर रही थी. और वो फोन कट नहीं कर पा रहा था. पहली बार किसी आवाज़ ने उसके दिल को हिलाया था. एक अंजान आवाज़ ने, जो एक अंजान लड़की की थी.

सनम – हेलो, आप कुछ बोलते क्यों नहीं. इतना भाव खाने वाला बंदा नहीं देखा. एक खूबसूरत लड़की जिसको दिन रात मेसेज आते हैं की बे मी गर्लफ्रेंड एट्सेटरा एट्सेटरा, उसको आप भाव नहीं दे रहे?

आबाब – सॉरी असल मैं ज़रा रिज़र्व टाइप का इसनान हूँ. वैसे आप तो कह रही थी की आपको कोई कॉल नहीं करता फ्रेंडशिप के लिए फिर अभी आप कह रही थी की सारे दिन मेसेज आते हैं.

सनम – वो तो मैं आपको भाव दे रही थी की आप कितने जबरदस्त बंदे हो. खैर आप बताइए की आप क्या करते हैं. कहाँ रहते हैं. कितनी गर्लफ्रेंड्स है आपकी एट्सेटरा एट्सेटरा.

आबान सोचने लगा की कमाल की लड़की है. मुझे जानती है ना समझती है. दोस्त होने का दम भर रही है, पर पता नहीं यह दिल इससे बात करना चाहता है.

सनम – अगर आप नहीं बात करना चाहते तो ना सही. इस खूबसूरत बंदी से बात करने वालों की कमी नहीं है. बाइ- बाइ !

और फोन कट गया. आबान अजीब सी कशमकश मे था की यह क्या हुवा. आज तक उसको कभी ऐसा महसूस नहीं हुवा. पता नहीं क्या बात थी इस लड़की की अजीब सी बातों मैं, की आबान जैसे उसकी तरफ झुक गया था. वो उससे बात करना चाहता था. आज वो एक अंजान लड़की से बात करना चाहता था. जिसे वो न तो जनता था ना मिला था.  पर उस लड़की ने सिर्फ़ एक छोटे से कॉल से उसको अपनी तरफ झुका लिया था. आज एक फोन कॉल ने उसको अंदर से हिला दिया.  

उसने फोन उताया और कॉल बॅक किया. कॉल कनेक्ट हुई. पर रिसिव नहीं हुई. करीब सात कॉल्स के बात जब फोन नहीं उठा तो उसने फोन रख दिया. तभी उसके डोर पर नॉक हुवा. उसने दरवाज़ा खोला. तो देखा उसकी अम्मी खड़ी थी.

अम्मी- आबान बेटा आज आप नीचे नहीं आए. सब ठीक है ना ?

माँ भी एक अलग ही नेमत है उपर वाले की. औलाद की फिकर हमेशा रहती है. चाहे वो कितना भी बड़ा क्यूँ ना हो. माँ और उसका दर्जा तभी इस दुनिया मैं सबसे उचा है.

आबान – कुछ बात नहीं है अम्मी. मैं ठीक हूँ. मैं बस एक फोन कर रहा था , जो रिसिव नहीं हो रहा. आप चलिए मैं नीचे आता हूँ. यह बताइए की चाय के साथ अपने फुल्की बनाई हैं न!

अम्मी – मुझे पता है की तुम फुल्की के बगैर बारिश मे चाय नहीं पीते. जल्दी आ जाओ सब त्य्यार है.

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